2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, प्रदेशभर में पहली बार एक साथ हुआ बूथ अध्यक्ष सम्मेलन

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BJP gears up for the 2027 Assembly elections

लखनऊ। BJP gears up for the 2027 Assembly elections, अभियान हो या संगठन की बैठक। सामाजिक कार्यक्रम हो या धार्मिक अनुष्ठान...हर मंच से भाजपा चुनावी लक्ष्य भेदने का प्रयास करती है। 2027 विधान सभा चुनाव की डगर पर रथ उतार चुकी भाजपा ने बुधवार को पहली बार प्रदेश के सभी बूथों को एक साथ मथा।

‘मेरा बूथ सबसे मजबूत, बूथ जीता तो चुनाव जीता’ के संकल्प को नई शक्ति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक समेत सरकार एवं संगठन के सभी योद्धा मैदान में उतरे। संगठन की सबसे निचली इकाई संभालने वाले बूथ अध्यक्षों को मंच पर विशेष सम्मान देकर साफ कर दिया कि पार्टी बूथ मंत्र के जरिए चुनाव जीतने का लक्ष्य लेकर बढ़ेगी। इस दौरान बूथ सत्यापन कार्यक्रम भी सफल रहा।

प्रदेश की 403 विधान सभा सीटों में 1918 मंडलों के बीच कुल 1,77,516 बूथ हैं। यह संगठन की सबसे निचली इकाई है जिसे पार्टी नींव का पत्थर कहती है। 11 जुलाई को प्रदेश की नई टीम की पहली बैठक में बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन का कार्यक्रम बना, जहां तय किया गया कि 22 जुलाई यानी बुधवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं संगठन के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन संबोधित किया, वहीं बरेली में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, शाहजहांपुर में ब्रजेश पाठक, बुलंदशहर में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बूथ अध्यक्षों के चुनावी महत्व को रेखांकित किया।

पार्टी ने अलग-अलग विधान सभाओं में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापतिराम त्रिपाठी, स्वतंत्रदेव सिंह, मंत्री जेपीएस राठौर समेत सभी जनप्रतिनिधियों एवं संगठन के महारथियों को एक-एक विधान सभा में उतारा, जहां उन्होंने चुनावी रणनीति को धार देते हुए जीत के समीकरणों को भी जाना।

इस बहाने पार्टी ने 2017 के सापेक्ष 2022 के चुनाव में हारी विस सीटों को फिर से जीतने की रूपरेखा बनी। 2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक भाजपा बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र की विधान सभाओं को हार गई थी, जहां के लिए नई रणनीति पर चर्चा हुई।

बूथों को मजबूत कर भाजपा ज्यादातर वोटरों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने का लक्ष्य रखेगी। बूथ अध्यक्षों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्रों में किस विरोधी पार्टी या विरोधी चेहरे का असर है? बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन के प्रदेश संयोजक दिलीप पटेल ने बताया कि कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन का नेतृत्व करने की वजह से प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सीतापुर में नहीं पहुंचे, बाकी अन्य सभी ने सम्मेलनों में भाग लिया।